Thursday, October 29, 2020

यथार्थता,परिशुद्धता एवं त्रुटि विश्लेषण | accuracy, precision and error analysis in hindi

यथार्थता,परिशुद्धता एवं त्रुटि विश्लेषण (accuracy, precision and error analysis in hindi)


यथार्थता

किसी यंत्र द्वारा लिए गए वे सारे प्रेक्षण जो किसी भौतिक राशि के वास्तविक मान के समीप हो, यथार्थ मान कहलाता है।
अर्थात किसी माप की यथार्थता वह मान है जो हमें यह बताती है कि किसी राशि का मापित मान उसके वास्तविक मान से कितना निकट है।


यदि किसी छड़ की वास्तविक लंबाई 5.346 समी हो, प्रयोगकर्ता A ने इस छड़ की लंबाई मीटर स्केल से जिसका अल्पत्मान 0.1 समी है, से 5.3 सेमी मापी तथा दूसरे प्रयोगकरता B इस छड़ की लंबाई वर्नियर कैलिपर्स जिसका अल्पत्मान 0.1 समी है, से 5.24 समी मापी।
अतः प्रयोगकर्ता A द्वारा मापी गई लंबाई में यथार्थता अधिक है और प्रयोगकर्ता B के मापन में परिशुद्धता अधिक है।

परिशुद्धता

किसी यंत्र द्वारा लिए गए वे सारे प्रेक्षण जो एक दूसरे के समीप हो भले ही वास्तविक मान से दूर हो, परिशुद्ध मान कहलाते हैं।
अर्थात परिशुद्धता यह बताती है कि वह राशि किस सीमा तक मापी गई है।

त्रुटि


किसी मापन यंत्र द्वारा प्रेक्षित भिन्न मानो तथा भौतिक राशि के वास्तविक मान के बीच कुछ न कुछ अंतर अवश्य होता है।
अतः वास्तविक मान तथा प्रेक्षित मान के बीच का अंतर त्रुटि कहलाता है।

1.क्रमबद्ध त्रुटियां
2.यादृच्छिक त्रुटियां
3.निरपेक्ष त्रुटियां
4.औसत निरपेक्ष त्रुटियां
5.सापेक्ष अथवा भिन्नात्मक त्रुटियां
6.प्रतिशत त्रुटियां

1.क्रमबद्ध त्रुटियां

वह त्रुटि हो किसी प्रयोग में नियमित रूप से प्राप्त होती है क्रमबद्ध त्रुटियां कहलाती हैं। यह त्रुटि एक निश्चित नियम या नियामक से नियंत्रित होती है तथा इस त्रुटि के प्रमुख स्त्रोत निम्नलिखित हैं

(a). यंत्रगत त्रुटियां

जब त्रुटि किसी मापन यंत्र कारण उत्पन्न होती है, तो ऐसी त्रुटि को यंत्रगत त्रुटि कहते हैं।


किसी विद्युत् परिपथ में वोल्ट मीटर के प्रतिरोध समांतर एक अन्य प्रतिरोध जोड़ देने पर वोल्ट मीटर द्वारा मापा गया विभवान्तर त्रुटि कोण होगा।

(b). प्रायोगिक तकनीकी या कार्यविधि में अपूर्णता 

यह त्रुटि तब उत्पन्न होती है जब प्रेक्षक बाह्य वातावरण में हो रहे परिवर्तनों के बारे में बिल्कुल अनभिज्ञ हो।


कैलोरोमिती के प्रयोग में विकिरण द्वारा ऊष्मा की हनी होनी ही होनी है चाहे कैलोरिमापी कितना भी कुचालक आवरण से क्यों। नघिरा हो।

(c). व्यक्तिगत त्रुटियां

जब त्रुटि के घटित होने का मुख्य कारण प्रेक्षक की लापरवाही हो तो, ऐसे त्रुटि को व्यक्तिगत त्रुटियां कहते हैं।

2.यादृच्छिक त्रुटियां

इस त्रुटि का अस्तित्व प्रेक्षक की लापरवाही अथवा बाह्य वातावरण के आंशिक परिवर्तन के कारण होती है। साथ ही ही साथ यह ऐसी त्रुटि है जो श्रोत को ज्ञान नहीं हो पता है।

3.निरपेक्ष त्रुटियां

किसी मापित राशि के वास्तविक मान तथा प्रेक्षित मान के बिचनका अंतर इस प्रेक्षण की निरपेक्ष त्रुटि कहलाती है।
अतः
निरपेक्ष त्रुटि=वास्तविक मान~प्रेक्षित मान
माना कि किसी भौतिक राशि का वास्तविक मान a है तथा प्रेक्षणों में उसके मान क्रमशः a₁, a₂, a₃,------aₙ
अतः मापन के निरपेक्ष त्रुटि
∆a₁=a~a₁
∆a₂=a~a₂
∆a₃=a~a₃
∆aₙ=a~aₙ

4.औसत निरपेक्ष त्रुटियां

विभिन्न प्रेक्षणों की निरपेक्ष त्रुटियों का समांतर माध्य औसत निरपेक्ष त्रुटि कहलाती है।
अतः औसत निरपेक्ष त्रुटि
∆a=(∆a₁+∆a₂+∆a₃+---------+∆aₙ)/n

5.सापेक्ष अथवा भिन्नात्मक त्रुटि

किसी भौतिक राशि के विभिन्न प्रेक्षणों की मध्य निरपेक्ष त्रुटि का भौतिक राशि के वास्तविक मान के साथ अनुपात, भिन्नात्मक त्रुटि कहलाता है।
अतः भिन्नातमक त्रुटि
=∆a/a

6.प्रतिशत त्रुटियां

जब भिन्नात्मक़ त्रुटि को प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है तो, इसे प्रतिशत त्रुटि कहते हैं
अतः प्रतिशत त्रुटि
(∆a/a)×100

त्रुटियों का संयोजन

(a).संकलन एवं व्यकलन त्रुटि

माना x,y तथा z तीन भौतिक राशियां हैं।
जहां z=x+y तथा सीमांत त्रुटियां क्रमशः
±∆z, ±∆x, ±∆y
तो,
(z±∆z)=(x±∆x)+(y±∆y)
(x+y±∆z)=(x±∆x)+(y±∆y)
±∆z=±∆x±∆y
अतः
z में महत्तम त्रुटि
∆z=∆x+∆y
(b).गुणन में त्रुटि
माना z=x.y
(z±∆z)=(x±∆x).(y±∆y)
(xy±∆z)=xy±x.∆y±y∆x±∆x.∆y
चूंकि ∆x,∆y काफी छोटी राशियां हैं। अतः इनका गुणनफल ∆x.∆y छोटी राशि होगी, जिसे छोड़ा जा सकता है।
±∆z=x.∆y±y∆x
±∆z/z=(x.∆y)x.y±(y∆x)/x.y
±∆z/z=±(∆y/y)±(∆x/x)
अतः z के मान में अधितकम भिन्नात्मक़ त्रुटि
|∆z/z|max=∆y/y+∆x/x
अतः प्रतिशत त्रुटि
{|∆z/z|max}×100=(∆y/y)×100+(∆x/x)×100


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